शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम मधुबन का,

भ्रमर बना, मन शिव का।

निश दिन सिमरन करता,

नाम पुण्यकारी॥

शंकर शिव शम्भु,

साधु सन्तन सुखकारी ॥

निश दिन सिमरन करते,

नाम पुण्यकारी ॥

लोचन त्रय अति विशाल,

सोहे नव चन्द्र भाल,

रुण्ड मुण्ड व्याल माल,

जटा गंग धारी ।

शंकर शिव शम्भु,

साधु सन्तन सुखकारी ॥

शंकर शिव शम्भु,

साधु सन्तन सुखकारी ॥

सतत जपत राम नाम,

अतिशय शुभकारी ॥

पारवती पति सुजान,

प्रमथ राज वृषभ यान,

सुर नर मुनि सैव्यमान,

त्रिविध ताप हारी ।

शंकर शिव शम्भु,

साधु सन्तन सुखकारी ॥

औघड़ दानी महान,

कालकूट कियो पान,

आरत-हर तुम समान,

को है त्रिपुरारी।

शंकर शिव शम्भु,

साधु सन्तन सुखकारी ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।