शंभू रे तेरा भेद ना जाना: शिव भजन

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

शंभू रे ओ शंभू रे,

तेरा भेद ना जाना,

शंभू रे ओ शंभू रे,

तेरा भेद ना जाना,

वेदों की महिमा शंभू जाने,

वेदों की महिमा शंभू जाने,

शम्भू की महिमा वेद भी ना जाने,

शंभू रे ओ शंभू रे,

तेरा भेद ना जाना ॥

लंका मे लंकेश बिठाया,

खुद बैठा तू जोगी बनके,

हो हो..

लंका मे लंकेश बिठाया,

खुद बैठा तू जोगी बनके,

सबको तूने राजा बनाया,

खुद बैठा तू साधु बनके,

साधु रे ओ साधु रे,

तेरा भेद ना जाना,

वेदों की महिमा साधु जाने,

साधु की महिमा वेद भी ना जाने,

शंभू रे ओ शंभू रे,

तेरा भेद ना जाना ॥

SantoKiVani Lyrics

देव असुर को अमृत देकर,

खुद पीवे तू विष का प्याला,

हो हो..

देव असुर को अमृत देकर,

खुद पीवे तू विष का प्याला,

तुझ जैसा ना कोई भयंकर,

ना कोई है भोला भाला,

भोले रे ओ भोले रे,

तेरा वेद ना जाना,

भोले की महिमा भोला जाने,

भोले की महिमा जाने ना कोई,

शंभू रे ओ शंभू रे,

॥ दोहा ॥

तेरा भेद ना जाना ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।