सेवा चरणों की मिले, और ना चाहूँ कोय।
तेरा सेवक बन रहूँ, जनम जनम सुख होय॥
सेवक हैं हम तेरे खाटू वाले, रखना तू अपनी पनाहों में।
जिंदगी गुज़र जाए सारी, तेरी भक्ति की राहों में॥
सेवक हैं हम तेरे खाटू वाले॥
ना धन की चाहत ना पद की तमन्ना, बस तेरे चरणों की सेवा में रहना।
तेरी चौखट की जो धूल मिल जाए, मेरा ये सोया मुकद्दर खिल जाए॥
इतना करम कर दो खाटू वाले, सेवक हैं हम तेरे खाटू वाले॥
तूने कितनों को राजा बनाया, कितनों का सोया नसीब जगाया।
हम तो बस तेरे दीवाने हैं बाबा, तेरी ही महफ़िल के परवाने हैं बाबा॥
अपनी कृपा में हमें छुपा ले, सेवक हैं हम तेरे खाटू वाले॥
संजय मित्तल गाए लगन से, प्यार किया है हमने दिल से।
छूटे ना कभी ये हाथ तुम्हारा, तुम ही तो हो जीवन का सहारा॥
सेवक हैं हम तेरे खाटू वाले, रखना तू अपनी पनाहों में॥
दास भाव निष्काम हो, सेवा में चित्त लीन।
संजय मित्तल को प्रभु, कीजे परम प्रवीन॥