सवारी महाकाल की आई

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आओ प्यारे भक्तों,

भोले बाबा को मनाएं हम,

फूलों से सवारी,

महाकाल की सजाए हम,

करता धराशाई पापियों की चाल,

ऐसा न्याय प्रिय है मेरा महाकाल,

उज्जैन भ्रमण को निकले,

मेरे महाकाल,

सवारी महाकाल की आई,

सवारी महाकाल की आईं,

ॐ नम: शिवाय ॐ नम: शिवाय ॥

मल कर तन पर भस्मी,

वो तो पहने मृग की छाल,

मेरे महाकाल मेरे महाकाल,

आदि से आदि है वो,

अनंत महाकाल,

मेरे महाकाल मेरे महाकाल,

डमरू वाला देखो,

करे है कमाल,

सवारी महाकाल की आईं,

सवारी महाकाल की आईं,

ॐ नम: शिवाय ॐ नम: शिवाय ॥

करपूर गौरम करूणावतारम,

संसार सारम भुजगेन्द्र हारम,

सदा वसंतम हृदयारविंदे,

भवम भवानी सहितं नमामि ॥

कालो का भी काल वो तो,

मेरा महाकाल,

मेरे महाकाल मेरे महाकाल,

देखा हमने कई बार,

पापियों हाल,

मेरे महाकाल मेरे महाकाल,

अंग भभुति तिरपुंड लगाए हम,

सवारी महाकाल की आईं,

सवारी महाकाल की आईं,

ॐ नम: शिवाय ॐ नम: शिवाय ॥

आओ प्यारे भक्तों,

भोले बाबा को मनाएं हम,

फूलों से सवारी,

महाकाल की सजाए हम,

करता धराशाई पापियों की चाल,

ऐसा न्याय प्रिय है मेरा महाकाल,

उज्जैन भ्रमण को निकले,

मेरे महाकाल,

सवारी महाकाल की आई,

सवारी महाकाल की आईं,

॥ दोहा ॥

ॐ नम: शिवाय ॐ नम: शिवाय ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।