सतपाल महाराज

पारंपरिक
महादेव संत साहित्य Bhakt Satpal Maharaj Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | सतपाल महाराज

असली नाम- सतपाल सिंह रावत

गुरु - हंस महाराज

आराध्य - भगवान शिव

जन्म – 21 सितम्बर 1951

जन्म स्थान - कनखल, हरिद्वार

वैवाहिक स्थिति - विवाहित

भाषा - अंग्रेजी, पहाड़ी, संस्कृत, हिंदी

पिता - हंस महाराज

माता - राजेश्वरी देवी

पत्नी - अमृता रावत

प्रसिद्ध - भारतीय आध्यात्मिक गुरु, उत्तराखंड सरकार के मंत्रिमंडल में राजनीतिज्ञ, पर्यटन, सांस्कृतिक और सिंचाई मंत्री।

संस्थापक - मानव उत्थान सेवा समिति

श्री सतपाल जी महाराज एक आध्यात्मिक गुरु और एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो वर्तमान में उत्तराखंड सरकार के मंत्रिमंडल में पर्यटन, सांस्कृतिक और सिंचाई मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सतपाल महाराज ने मानव उत्थान सेवा समिति की भी स्थापना की।

सतपाल ने अपनी औपचारिक शिक्षा सेंट जॉर्ज कॉलेज, मसूरी से प्राप्त की और विभिन्न भाषाएँ और विज्ञान सीखे। सतपाल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैं। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के लिए भारत की संसद के निचले सदन (15वीं लोकसभा) के सदस्य भी थे। वह 2014 में कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और वर्तमान में, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। उनका प्रसिद्ध संदेश - "ईश्वर न तो हिंदू है, न मुस्लिम है, न ही ईसाई है। ईश्वर एक है और हमारा पिता है।"

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्री सतपाल जी महाराज एक आध्यात्मिक गुरु और एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। Shri Satpal Ji Maharaj is a spiritual guru and an Indian politician.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।