सतगुरु मेरे कलम हाथ तेरे - शब्द कीर्तन

गुरु नानक देव जी
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॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु मेरे कलम हाथ तेरे,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

मैं वारि मैं वारि वारि जावा,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

सतगुरु मेरे कलम हाथ तेरे,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

मैं वारि मैं वारि वारि जावा,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

हत्था ते लिख दे सेवा गुरा दी,

सेवा गुरा दी सेवा गुरा दी,

सेवा करदी कदे वी ना थका,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

सतगुरु मेरे कलम हाथ तेरे,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

मैं वारि मैं वारि वारि जावा,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

पैरा च लिख दे सत्संग जाना,

सत्संग जाना सत्संग जाना,

सत्संग जांदी कदे वी ना थका,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

सतगुरु मेरे कलम हाथ तेरे,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

मैं वारि मैं वारि वारि जावा,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

अखा च लिख दे दर्शन प्यारे,

दर्शन प्यारे दर्शन प्यारे,

दर्शन करदी कदे वी ना थका,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

सतगुरु मेरे कलम हाथ तेरे,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

मैं वारि मैं वारि वारि जावा,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

स्वासा च लिख दे नाम गुरा दा,

नाम गुरा दा नाम गुरा दा,

नाम जपदी कदे वी ना थका,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

सतगुरु मेरे कलम हाथ तेरे,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

मैं वारि मैं वारि वारि जावा,

के सोहने सोहने लेख लिख दे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।