सारे तीर्थ धाम आपके चरणो में

संत रविदास
श्री राम भजन Bhajan Guru Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सारे तीर्थ धाम आपके चरणो में ।

हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।

हृदय में माँ गौरी लक्ष्मी,

कंठ शारदा माता है ।

जो भी मुख से वचन कहें,

वो वचन सिद्ध हो जाता है ।

हैं गुरु ब्रह्मा, हैं गुरु विष्णु,

हैं शंकर भगवान आपके चरणो में ।

हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।

जनम के दाता मात पिता हैं,

आप करम के दाता हैं ।

आप मिलाते हैं ईश्वर से,

आप ही भाग्य विधाता हैं ।

दुखिया मन को रोगी तन को,

मिलता है आराम आपके चरणो में ।

हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।

निर्बल को बलवान बना दो,

मूर्ख को गुणवान प्रभु ।

देवकमल और वंसी को भी,

ज्ञान का दो वरदान गुरु ।

हे महा दानी हे महा ज्ञानी,

रहूँ मैं सुबहो-शाम आपके चरणो में ।

हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।

कर्ता करे ना कर सके,

पर गुरु किए सब होये ।

सात द्वीप नौ खंड मे,

मेरे गुरु से बड़ा ना कोए ॥

सब धरती कागज़ करूँ,

लेखनी सब वनराय ।

समुद्र को स्याही,

पर गुरु गुण लिख्यो ना जाए ॥

सारे तीर्थ धाम आपके चरणो में ।

हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।