सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Diwali Bhajan Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,

नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,

सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,

दीपावली का दिन ये निराला सुख का उजाला देने वाला,

मस्ती में खोया आलम सारा बेहने लगी है प्रेम की धरा,

सब के संकट दूर कररगी लक्ष्मी जी महामाई,

नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,

सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,

फुले से घर है सब ने सजाये प्रेम से अन गिन दीप जलाये,

हे मेवा मिशरी और मिठाई दी है किसी को किसी से है पाई,

आज का दिन हो सब के लिए ही मंगल मई सुख दाई

नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,

सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,

आतिशबाजी और पटाखे दीपावली की शान बढ़ाते,

कोई हो पराये चाहे हो अपने आज हो पुरे सब के सपने,

सब को मुबारक बात हमारी सब को लाख बधाई,

नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,

सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।