सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा है,

राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है,

सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा है,

हम क्या बताएं तुमको, सब कुछ तुझे खबर है,

हर हाल में हमारी, तेरी तरफ नजर है,

किस्मत है वो हमारी, जो तेरा फैसला है,

राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है,

सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा है,

राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है,

हाथों को दुआ की, खातिर मिलाएं कैसे,

सजदे में तेरे आकर, सर को झुकाएं कैसे,

मजबूरियां हमारी, बस तू ही जानता है,

राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है,

सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा है,

राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है,

रो कर कटे या हंस कर, कटती है जिंदगानी,

तू गम दे या ख़ुशी दे, सब तेरी मेहेरबानी,

तेरी ख़ुशी समझकर, सब गम भुला दिया है,

राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है,

सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा है,

राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है,

दुनिया बना के मालिक, जाने कहाँ छिपा है,

आता नहीं नजर तू, बस इक यही गिला है,

भेजा इस जहाँ में, जो तेरा शुक्रिया है,

राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है,

SantoKiVani Lyrics

सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा है,

राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।