सरस्वती मंत्र

पारंपरिक
माता सरस्वती मंत्र Mantra Saraswati Mantra Mantra
॥ दोहा ॥

1. सरस्वती एकाक्षर मंत्र - ऐं॥

॥ चौपाई ॥

2. सरस्वती द्वयाक्षर मंत्र - ऐं लृं॥

3. सरस्वती त्रयाक्षर मंत्र - ऐं रुं स्वों॥

4. सरस्वती दशाक्षर मंत्र - वद वद वाग्वादिनी स्वाहा॥

5. सरस्वती मंत्र - ॐ ऐं नमः॥

6. सरस्वती मंत्र - ॐ ऐं क्लीं सौः॥

7. महासरस्वती मंत्र - ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः॥

8. सरस्वती मंत्र - ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः॥

9. सरस्वती मंत्र - ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम्कारी

वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा॥

10. श्री सरस्वती पुराणोक्त मंत्र - या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

11. सरस्वती गायत्री मंत्र - ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि।

॥ दोहा ॥

तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

सरस्वती मंत्र | Saraswati Mantra

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।