सारा बरसाना तेरा दीवाना हुआ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दीवाना हुआ,

मिली तुमसे नजर,

मेरी जब सांवरे,

ये दिल भी हमारा बेगाना हुआ ॥

हर किसी को तेरी यहाँ दरकार है,

मानते है सभी श्याम सरकार है,

अब किसी से कोई श्याम शिकवा नहीं,

सामने फिर तुम्हारा जो आना हुआ,

तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दिवाना हुआ ॥

हम जीते थे मर मर के ओ सांवरे,

दर पे आके तेरे हम हुए बांवरे,

दुखड़े कितने है सहने बता दे मुझे,

सुख देखे मोहन इक जमाना हुआ,

तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दिवाना हुआ ॥

चाहे काली घटा हो या लाखों तूफाँ,

तुमको आना पड़ेगा कन्हैया यहाँ,

तेरे चरणों में ऐ मुरली वाले मेरे,

आज तक ना हमारा ठिकाना हुआ,

तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दिवाना हुआ ॥

गिर ना जाऊँ तेरी इन कठिन राहो में,

पास आजा मेरे थाम ले बांहो में,

अब ‘सुरेन्द्र’ को अपना बना सांवरे,

बैरी दुश्मन ये सारा ज़माना हुआ,

तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दिवाना हुआ ॥

तेरी मुरली की धुन,

हमने जबसे सुनी,

सारा बरसाना तेरा दीवाना हुआ,

मिली तुमसे नजर,

मेरी जब सांवरे,

॥ दोहा ॥

ये दिल भी हमारा बेगाना हुआ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।