साँवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी सेठाणी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Vishnu Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

साँवरियो है सेठ,

म्हारी राधा जी सेठाणी है,

साँवरियों है सेठ,

म्हारी राधा जी सेठाणी है,

ये तो जाने दुनिया सारी है ॥

राजाओं के राजा,

महारानी की रानी,

सिरमौर मुकुट साझे,

जोड़ी बड़ी प्यारी,

दरबार है प्यारा,

राधा के संग साझे,

सुने पलने सेठ,

सुने पलने सेठ,

सुने पलने सेठाणी है,

ये तो जाने दुनिया सारी है ॥

सांवरियां राधा जी,

भक्ता पे है राजी,

करे घणो लाड है,

भंडार लुटावे है,

हर बात बणावे है,

भक्ता रा ठाट है,

देवे छप्पर फाड़,

देवे छप्पर फाड़,

नही इनसो कोई दानी है,

ये जाने दुनिया सारी है ॥

सुख दुख मे साँवरियो,

सुख दुख मे राधा जी,

सदा तेरे साथ है,

मेरी चिंता दुर करे,

मेरी विपदा दुर करे,

रख लेवे बात है,

भक्ता रो तो काम,

भक्ता रो तो काम,

बस एक हाजरी लगाणि है,

ये जाने दुनिया सारी है ॥

साँवरियो है सेठ,

म्हारी राधा जी सेठाणी है,

साँवरियों है सेठ,

म्हारी राधा जी सेठाणी है,

॥ दोहा ॥

ये तो जाने दुनिया सारी है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।