सेठों के तुम सेठ हो, जग के पालनहार।
जो आवे दरबार में, पावे सुख अपार॥
सांवरिया सेठ दे दे सहारा, तेरे सिवा कौन हमारा।
सांवरिया सेठ दे दे सहारा, तेरे सिवा कौन हमारा॥
तू है लखदाता तू है विधाता, सब जग का तू भाग्य विधाता।
जिस पे तेरी नज़र हो जाए, वो निर्धन भी धनी कहलाए॥
मेरी भी बिगड़ी बात बना दो, बिगड़ा मुकद्दर मेरा जगा दो॥
सांवरिया सेठ दे दे सहारा॥
खाटू में बैठा सेठ हमारा, बाँट रहा है अमृत धारा।
जिसने भी जो माँगा पाया, खाली हाथ कोई ना आया॥
मैं भी आया बनके भिखारी, भर दो झोली हे त्रिपुरारी॥
सांवरिया सेठ दे दे सहारा॥
संजय मित्तल गुणगान करे, तेरे चरणों में ध्यान धरे।
कृपा की छाया मुझ पर रखना, सांवरिया मेरा मान रखना॥
सांवरिया सेठ दे दे सहारा, तेरे सिवा कौन हमारा॥
सेठ सांवरो खाटू वालो, मेटे सकल कलेश।
संजय मित्तल शीश नमावे, काटे सब अंदेश॥