नैया पुरानी धार नई, तू ही मेरा खिवैया।
पार लगा दो सांवरे, हे खाटू के कन्हैया॥
सांवरे तेरे भरोसे मेरी नैया चल रही, नैया चल रही मेरी नाव बढ़ रही।
तू जो बन गया माझी, मंजिल भी मिल रही॥
सांवरे तेरे भरोसे मेरी नैया चल रही॥
तूफ़ानों से घिरी थी जब जीवन की ये डगर।
कोई किनारा ना दिखता था दूर दूर तक नज़र॥
तूने ही थामा पतवार, विपदा सब टल रही।
सांवरे तेरे भरोसे मेरी नैया चल रही॥
दुनिया ने साथ छोड़ा तो तूने गले लगाया।
मुझ दीन हीन को भी, अपना दास बनाया॥
तेरी दया की छाँव में, बगिया ये खिल रही।
सांवरे तेरे भरोसे मेरी नैया चल रही॥
कन्हैया मित्तल गाए गीत, खाटू के सांवरिया का।
सदा बना रहे प्यार हमारे, बाबा के आशियाने का॥
सांवरे तेरे भरोसे मेरी नैया चल रही॥
श्याम कृपा की नाव पर, बैठे जो निष्काम।
कन्हैया मित्तल भव तरे, जय जय श्री परशुराम॥