संकट में लक्ष्मण है, ये राम ने मान लिया

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

संकट में लक्ष्मण है,

ये राम ने मान लिया,

संजीवनी लाने का,

हनुमान को काम दिया,

राम की आँखों से आंसू बहे,

राम की आँखों से आंसू बहे ॥

श्री राम ने लक्ष्मण को,

गोदी में सुलाया है,

असुवन की धारा से,

जख्मो को भिगोया है,

श्री राम के आंसू ने,

अमृत का काम किया,

संजीवनी लाने का,

हनुमान को काम दिया,

राम की आँखों से आंसू बहे,

राम की आँखों से आंसू बहे ॥

श्री राम का लक्ष्मण ने,

पग पग पर साथ दिया,

वो छोड़ के सब वैभव,

भाई संग वन में गया,

श्री राम ने लक्ष्मण के,

त्यागो को याद किया,

संजीवनी लाने का,

हनुमान को काम दिया,

राम की आँखों से आंसू बहे,

राम की आँखों से आंसू बहे ॥

संजीवनी लाकर के,

लक्ष्मण को बचाया है,

हनुमान ने रघुकुल के,

संकट को मिटाया है,

संकट मोचन ‘केशव’,

श्री राम ने नाम दिया,

संजीवनी लाने का,

हनुमान को काम दिया,

राम की आँखों से आंसू बहे,

राम की आँखों से आंसू बहे ॥

संकट में लक्ष्मण है,

ये राम ने मान लिया,

संजीवनी लाने का,

हनुमान को काम दिया,

राम की आँखों से आंसू बहे,

॥ दोहा ॥

राम की आँखों से आंसू बहे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।