संकट हरलो मंगल करदो, प्यारे शिव गौरा के लाल

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

संकट हरलो मंगल करदो,

प्यारे शिव गौरा के लाल,

अब विनती सुनलो गणपति देवा ॥

हे गणनायक देव गजानन,

मूषक चढ़कर आओ,

हाथ जोड़कर द्वार खड़े है,

अब ना देर लगाओ,

गजानन जल्दी से तुम आओ,

आकर के अपने भक्तों का,

तुम जान लो दिल का हाल,

अब विनती सुनलो गणपति देवा ॥

तुमको ना बतलाए तो हम,

अपनी किसे बताएं,

तुम ही बता दो सिद्धिविनायक,

किसके द्वार पे जाए,

बताओ किसको अपनी सुनाएं,

दुःख के बादल ने घेरा हमें,

संकट का फैला जाल,

अब विनती सुनलो गणपति देवा ॥

संकटहर्ता संकट काटो,

चारो तरफ तेरा राज,

कर दो अब खुशियों की वर्षा,

हे गणपति महाराज,

हमारे पूरण कर दो काज,

सबके पूरण तुम काम करो,

जग में है तेरी मिसाल,

अब विनती सुनलो गणपति देवा ॥

टूट रही है आस की डोरी,

डोल रहा विश्वास,

अब तो हमें तुम अपनी दया का,

दे दो प्रभु प्रसाद,

कहीं अब टूट ना जाए आस,

जैसे भी हो अब तो तुमको,

देवा करना है कमाल,

अब विनती सुनलो गणपति देवा ॥

संकट हरलो मंगल करदो,

प्यारे शिव गौरा के लाल,

॥ दोहा ॥

अब विनती सुनलो गणपति देवा ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: संकट हरलो मंगल करदो, प्यारे शिव गौरा के लाल | Bhajan: Sankat Harlo Mangal Kardo Pyare Shiv Gaura Ke Lal Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।