सखी मेरी चुनर पे रंग गयो डाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Radha Krishna Holi Bhajan 2025 Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सखी मेरी चुनर पे रंग गयो डाल,

यशोदा को लाल वो तो नन्द जी को लाल ॥

निकली थी ओढ़ के मैं पीली चुनरिया,

जाने कहां से सखी आयो सँवरिया,

पीली मेरी चुनर को कर गयो लाल लाल,,

यशोदा को लाल वो तो नन्द जी को लाल ॥

सखी मेरी चुनर पे रंग गयो डाल,

यशोदा को लाल वो तो नन्द जी को लाल ॥

विनती करी मैंने हाथ जोड़ के,

कोशिश करी मैंने बचने की दौड़ के,

पीछे पीछे दौड़ा सखी ले के गुलाल,

यशोदा को लाल वो तो नन्द जी को लाल ॥

सखी मेरी चुनर पे रंग गयो डाल,

यशोदा को लाल वो तो नन्द जी को लाल ॥

कुछ भी सखी मैं कर ना पाई,

जब उसने पकड़ी मेरी कलाई,

मल गयो मेरे मुख पे गुलाल,

यशोदा को लाल वो तो नन्द जी को लाल,

सखी मेरी चुनर पे रंग गयो डाल,

॥ दोहा ॥

यशोदा को लाल वो तो नन्द जी को लाल ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।