सजा दरबार सांवरिया का, महक उठा संसार।
दर्शन पाकर धन्य हुए, भक्त शरण इस बार॥
सजेगा जब खाटू वाले का दरबार, नाचेगा सारा संसार।
आएंगे नीले घोड़े पर सवार, मेरे खाटू के सरकार॥
सजेगा जब खाटू वाले का दरबार॥
रंग बिरंगे फूलों से, बाबा का भवन सजेगा।
इत्र की खुशबू से सारा, ये खाटू धाम महकेगा॥
अखंड जोत जलेगी प्यारे, मिट जाएगा अंधकार।
सजेगा जब खाटू वाले का दरबार॥
छप्पन भोग लगेंगे बाबा, खीर चूरमा का थाल।
मोरछड़ी लहराएंगे जब, मेरे सांवरिया लाल॥
झूम उठेंगे भक्त सभी, गूँजेगा जय जयकार।
सजेगा जब खाटू वाले का दरबार॥
कन्हैया मित्तल गाए बधाई, खाटू नगरी आई।
सारे भक्तों की झोली में, खुशियाँ ही खुशियाँ छाई॥
सजेगा जब खाटू वाले का दरबार, नाचेगा सारा संसार॥
खाटू दरबार की महिमा, कहे न कोई पार।
कन्हैया मित्तल शीश धरे, जय जय लखदातार॥