सजा है प्यारा दरबार बाबा का

संत सूरदास
हनुमान जी भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सजा है प्यारा दरबार बाबा का,

भक्तों ने मिलकर के किया है,

श्रृंगार बाबा का,

सजा हैं प्यारा दरबार बाबा का,

लगे है न्यारा दरबार बाबा का ॥

भक्तों ने मिलकर के,

बाबा को है आज बुलाया,

गेंदा चम्पा और चमेली,

फूलों से है सजाया,

रंग बिरंगे फूलों का है हार बाबा का,

सजा हैं प्यारा दरबार बाबा का,

लगे है न्यारा दरबार बाबा का ॥

मुख मंडल की आभा ऐसी,

सूरज फीका लागे,

करके दर्शन बाबा का मेरी,

सोई किस्मत जागे,

आओ मिलकर के करलो,

सब दीदार बाबा का,

सजा हैं प्यारा दरबार बाबा का,

लगे है न्यारा दरबार बाबा का ॥

बनड़े जैसा सजा हुआ है,

माँ अंजनी का लाला,

देख देख कर मन वारी हो,

ऐसा रूप निराला,

‘नरसी’ के संग गा लो,

मंगलाचार बाबा का,

सजा हैं प्यारा दरबार बाबा का,

लगे है न्यारा दरबार बाबा का ॥

सजा है प्यारा दरबार बाबा का,

भक्तों ने मिलकर के किया है,

श्रृंगार बाबा का,

सजा हैं प्यारा दरबार बाबा का,

॥ दोहा ॥

लगे है न्यारा दरबार बाबा का ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।