सदा सुहागन नारी का ये व्रत है बड़ा महान

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन Bhajan Karva Chauth Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सदा सुहागन नारी का ये व्रत है बड़ा महान,

इस व्रत से ही पति व्रता नारी की है पहचान,

करवा चौथ करवा चौथ,

इक साल में इक बार ही होता ये उपहास,

सारे दिन पत्नी को रहता पति का ही आभास,

कठिन लगे पर नेह प्यार में बने ये व्रत आसान,

करवा चौथ करवा चौथ,

संतो की वाणी लिरिक्स

जब तक नजर नहीं आता है उसको चाँद का रूप,

तब तक पत्नी सजे सजाये पति के ही अनुरूप,

चाँद देख कर आते उसके मन प्राणो में प्राण,

करवा चौथ करवा चौथ,

चाँद दिखा तो प्र्शन मन से चलती थाल सजाये,

पूजा कर चंदा के घर आये पति चरनन सिर लाये,

चाँद से मांगे पति की लम्भी आयु का वरदान,

करवा चौथ करवा चौथ,

सदा सुहागन नारी का ये व्रत है बड़ा महान,

इस व्रत से ही पति व्रता नारी की है पहचान,

॥ दोहा ॥

करवा चौथ करवा चौथ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।