सबसे पहले मनाऊ गणराज, गजानंद आ जइयो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सबसे पहले मनाऊँ गणराज,

गजानंद आ जइयो,

म्हारी विनती सुनो महाराज,

गजानंद आ जइयो ॥

आज ये कैसी शुभ घड़ी आई,

अंगना में मोरे बजत बधाई,

मेरी रख लो सभा में लाज,

गजानंद आ जइयो,

सबसे पहले मनाऊ गणराज,

गजानंद आ जइयो ॥

बड़ा प्रेम से थाने मनाऊं,

मोदक को थाने भोग लगाऊं,

रिद्धि सिद्धि ने लाजो साथ,

गजानंद आ जइयो,

सबसे पहले मनाऊ गणराज,

गजानंद आ जइयो ॥

बल बुद्धि के तुम हो दाता,

जो कोई तुम्हरी शरण में आता,

मैं भी आया शरण में आज,

गजानंद आ जइयो,

सबसे पहले मनाऊ गणराज,

गजानंद आ जइयो ॥

सबसे पहले मनाऊँ गणराज,

गजानंद आ जइयो,

म्हारी विनती सुनो महाराज,

॥ दोहा ॥

गजानंद आ जइयो ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: सबसे पहले मनाऊ गणराज, गजानंद आ जइयो | Bhajan: Sabse Pahle Manau Ganraj Gajanand Aa Jaiyo Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।