सबसे पहला मनावा, थाने देवा रा सरदार

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सबसे पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार ॥

शंकर सूत थाने दुनिया है ध्यावे,

गिरजा भवानी थाने लाड़ है लड़ावे,

मूसे चढ़कर आओ,

थारी खूब करा मनुहार,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार ॥

दुंद दुन्दाला थे हो सूंड सुंडाला,

थारे गले में सोवे मोतियन माला,

पीताम्बर वस्त्रां रो,

थे खूब करो श्रृंगार,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार ॥

लड्डुवन रो बाबा थाने भोग लगावा,

तिलक लगावा मीठा भजन सुनावा,

दयावन्त वरदायक,

हे विनायक महाराज,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार ॥

खाता बया में थारो नाम है लिखीजे,

शादी विवाह में थाने प्रथम नुतीजे,

‘विमल’ थारा गुण गावे,

थे खूब भरो भंडार,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार ॥

सबसे पहला मनावा,

थाने देवा रा सरदार,

रणत भवन सु आप पधारो,

हो रही जय जयकार,

सबसु पहला मनावा,

॥ दोहा ॥

थाने देवा रा सरदार ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: सबसे पहला मनावा, थाने देवा रा सरदार | Bhajan: Sabse Pahle Manaba Thane Deva Ra Sardar Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।