साँवरे को दिल में बसा कर तो देखो

पूजा सखी
श्री कृष्ण भजन भजन पूजा सखी
॥ दोहा ॥

दिल के मंदिर में बिठा, सांवरिया सुकुमार।
पूजा सखी रस में डूबे, पावे सुख अपार॥

॥ चौपाई ॥

साँवरे को दिल में बसा कर तो देखो।
दुनिया से मन को हटा कर तो देखो॥
साँवरे को दिल में बसा कर तो देखो॥

एक बार मोहन से नेह लगाओ।
सच्चे हृदय से शरण में आओ॥
सारे बंधनों को मिटा कर तो देखो।
साँवरे को दिल में बसा कर तो देखो॥

वो तो दयालु है करुणा निधान है।
भक्तों के संकट हरने में महान है॥
अपनी व्यथा उसे सुना कर तो देखो।
साँवरे को दिल में बसा कर तो देखो॥

पूजा सखी कहे प्रेम का दीप जलाओ।
राधा रमन को हृदय में बुलाओ॥
जीवन का सुख तुम पा कर तो देखो।
साँवरे को दिल में बसा कर तो देखो॥

॥ दोहा ॥

सांवरिया जब हिय बसे, मिटे सकल अज्ञान।
पूजा सखी बलिहारी जावे, पावे पद निर्वान॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

संसार की व्यर्थ चिंताओं से हटकर हृदय मंदिर में सांवरिया सेठ को विराजमान करने का प्रेरक भजन।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।