॥ दोहा ॥
सांवरे की सूरत बड़ी मनभावनी।
नैनन में बस जाए तो मिटे दुख की रजनी॥
॥ चौपाई ॥
सांवरे को दिल में बसा कर तो देखो, दुनिया से मन को हटा कर तो देखो।
बड़ा ही दयालु है बांके बिहारी, इक बार दामन फैला कर तो देखो॥
वो रोते हुओं को हंसाने लगा है, वो गिरतों को सीने लगाने लगा है।
सच्चे हृदय से पुकारो कन्हैया, वो दौड़ा चला आने लगा है॥
सांवरे को दिल में बसा कर तो देखो, दुनिया से मन को हटा कर तो देखो॥
॥ दोहा ॥
प्रेम भाव से जो भजे, पावे मोहन मीत।
साध्वी पूनम गावती, निर्मल पावन गीत॥