रूप ले के जोतां दा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

शेयर-जुगग बीत गए जुगग बीत जाने, सदा रहु लिश्कारा एन्ना ज्योता दा

चाहे दुःख होवे चाहे सुख भगतो, सदा मिलु सहारा एन्ना ज्योता दा

शेरावाली माँ आयी रूप ले के ज्योता दा

करलो दीदार आज जग्ग दिया ज्योता दा

शेरावाली माँ....

चिंतपूर्णी आयी ऐ ज्वाला देवी आयी ऐ

काँगड़ा चामुंडा नाले नैना देवी आयी ऐ

चारे पसे होया ऐ उजाला इन्ना ज्योता दा

शेरावाली माँ....

वैष्णो माँ मनसा देवी ममता दा नूर ऐ

बगला मुखी महा काली दुःख करे दूर ऐ

जुगो जुगग रहेगा लिश्कारा एन्ना ज्योता दा

शेरावाली माँ......

नौ देविया दा रूप ज्योता विच आया ऐ

भाग खुले ओहदे जिने दर्शन पाया ऐ

दुखा विच मिलदा सहारा एन्ना ज्योता दा

शेरावाली माँ.....

हाथ जोड़ बिंदु आज दाती नु मना ले तू

दर्शन भोली माँ दा ज्योता विचो पा ले तू

मुहो बोल राजन जयकारा एन्ना ज्योता दा

शेरावाली माँ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।