रिद्धि सिद्धि के संग में, हे गौरी लाल पधारो

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

रिद्धि सिद्धि के संग में,

हे गौरी लाल पधारो,

सब बाधा विघन मिटा कर,

सब बाधा विघन मिटा कर,

मेरे कारज सभी संवारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

हे गौरी लाल पधारो ॥

बिना तुम्हारे शिव नंदन है,

मेरे काज अधूरे,

तुम आओ तो गणपति मेरे,

काम सभी हो पुरे,

एक बार दया द्रष्टि से,

एक बार दया द्रष्टि से,

हमको गणराज निहारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

हे गौरी लाल पधारो ॥

सेवा भक्ति नहीं हम जाने,

कैसे तुम्हे मनाए,

टूटे फूटे बोलो से,

गुणगान तुम्हारा गाए,

नादान ‘अमर’ के बप्पा,

नादान ‘अमर’ के बप्पा,

तुम भूले सभी बिसारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

हे गौरी लाल पधारो ॥

जहाँ चरण तुम्हारे पड़ते,

वहाँ सभी देव आ जाए,

इसलिए गणपति बप्पा,

हम पहले तुम्हे बुलाए,

परिवार सहित प्रभु आओ,

परिवार सहित प्रभु आओ,

मेरी विनती को स्वीकारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

हे गौरी लाल पधारो ॥

फल फुल मेवा और मोदक,

मैं अर्पण करूँ विधाता,

आँगन में खुशियाँ बरसे,

तुम दया करो जब दाता,

प्रभु रख लो बात हमारी,

प्रभु रख लो बात हमारी,

संकट से हमें उबारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

हे गौरी लाल पधारो ॥

रिद्धि सिद्धि के संग में,

हे गौरी लाल पधारो,

सब बाधा विघन मिटा कर,

सब बाधा विघन मिटा कर,

मेरे कारज सभी संवारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

॥ दोहा ॥

हे गौरी लाल पधारो ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: रिद्धि सिद्धि के संग में, हे गौरी लाल पधारो | Bhajan: Ridhi Siddhi Ke Sang Mein Hey Gauri Laal Padharo Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।