रिद्धि सिद्धि का देव निराला

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Sidhi Vinayak Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

रिद्धि सिद्धि का देव निराला,

शिव पार्वती का लाला,

सदा ही कल्याण करता,

मेरा देव है मंगलकारी,

सभी के भंडार भरता,

सभी के भंडार भरता ॥

शिव का दुलारा है,

ये गौरा महतारी है,

गज सा बदन तेरा,

मूष की सवारी है,

चढ़े पान फूल फल मेवा,

सारे संत करे तेरी सेवा,

सभी का तू ही मान रखता

मेरा देव है मंगलकारी,

सभी के भंडार भरता,

सभी के भंडार भरता ॥

दुन्द दुन्दाला है,

सूंड सुंडाला है,

भक्तो का मंगल,

करने वाला है,

तुझे मन से जो भी बुलाता,

पल भर में दौड़ा आता,

सफल सारे काम करता,

मेरा देव है मंगलकारी,

सभी के भंडार भरता,

सभी के भंडार भरता ॥

‘हर्ष’ कहे रे पहले इसको मनाले,

चरणों में इसके तू शीश झुका ले,

सारे विघ्न हटादे तेरे,

सारे काम बना दे तेरे,

दीनो के दुख दूर करता,

मेरा देव है मंगलकारी,

सभी के भंडार भरता,

सभी के भंडार भरता ॥

रिद्धि सिद्धि का देव निराला,

शिव पार्वती का लाला,

सदा ही कल्याण करता,

मेरा देव है मंगलकारी,

सभी के भंडार भरता,

॥ दोहा ॥

सभी के भंडार भरता ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: रिद्धि सिद्धि का देव निराला | Bhajan: Riddhi Siddhi Ka Dev Nirala Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।