राष्ट्रगान - जन गण मन (National Anthem - Jana Gana Mana)

पारंपरिक
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॥ पावन पाठ ॥

जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता,

पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग,

विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग,

तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे,

गाहे तव जय गाथा ॥

जन गण मंगलदायक जय हे भारत भाग्य विधाता,

॥ दोहा ॥

जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।