रङ्गपुर विहार

पारंपरिक
श्री कृष्ण मंत्र Mantra Shri Vishnu Mantra
॥ पावन पाठ ॥

पल्लवि:

रङ्गपुर विहार जय कोदण्ड रामावतार रघुवीर श्री

अनुपल्लवि:

अङ्गज जनक देव बृन्दावन सारङ्गेन्द्र वरद रमान्तरङ्ग

मध्यम कालम्

श्यामळाङ्ग विहङ्ग तुरङ्ग सदयापाङ्ग सत्सङ्ग

चरणम्:

पङ्कजाप्तकुल जलनिधि सोम वर पङ्कज मुख

पट्टाभिराम पदपङ्कज जितकाम रघुराम वामाङ्ग

गत सीतावरवेष शेषाङ्ग शयन भक्त सन्तोष एणाङ्क

रवि नयन मृदुतरभाष अकळङ्क दर्पण कपोल विशेष मुनि

मध्यम कालम्

सङ्कटहरण गोविन्द वेङ्कट रमण मुकुन्द

सङ्कर्षण मूल कन्द शन्कर गुरुगुहानन्द

संस्कृत का यह मंत्र भगवान श्री राम एवं भगवान श्री रंगनाथ की मिश्रित विशेषताओं का वर्णन प्रस्तुत करता है। इस मंत्र में भगवान श्री हरि के अवतार भगवान श्री राम का विशिष्ट उल्लेख है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।