रंग बरसे लाल गुलाल, हो गुलाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

रंग बरसे लाल गुलाल,

हो गुलाल,

वृषभानलली के मन्दिर में,

सब हो गए लालों लाल, राधा रानी के मन्दिर में ॥

भीगे चुनरी चोली दामन,

मुख हो गए लाल गुलाल,

हो गुलाल,

वृषभानलली ॥

सुन सुन कर साजों की सरगम,

सब नाचें बजाकर ताल,

हो ताल,

वृषभानलली ॥

राधा रूप छटा मन मोहिनी,

कर दरस हो मनवा निहाल,

निहाल,

वृषभानलली ॥

मन ‘मधुप’ डूबा रंग रस में,

सब बोलें जय जयकार,

जयकार,

॥ दोहा ॥

वृषभानलली ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।