रमतो भमतो जाय, आज माँ नो गरबो

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

रमतो भमतो जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

पवन झपाटा खाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥

माँ ना गरबा मा नवलख तारला,

माँ ना गरबा मा नवलख तारला,

अम्बिका ने माथे सुहाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥

इरे गरबो चवद ब्रम्हांड फरतो,

इरे गरबो चवद ब्रम्हांड फरतो,

जल हल जल हलकाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥

वाया वाया रे काई तोफानी बायरा,

वाया वाया रे काई तोफानी बायरा,

तोये ना जाखो थाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥

चाँदा सूरज नि ज्योतु रे जलती,

चाँदा सूरज नि ज्योतु रे जलती,

समदर ना दिविल क़ुराय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥

रमतो भमतो जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

पवन झपाटा खाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।