॥ दोहा ॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम।
करहु कृपा प्रभु दीन दयाला, पूरण कीजो काम॥
॥ चौपाई ॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम।
राम सिया राम सिया राम जय जय राम॥
कौशल्या सुत राम हमारे, जनक दुलारी सीता माई।
लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न संग, संकट हरन रघुराई॥
हनुमत प्यारे दास प्रभु के, जपते आठों याम।
राम सिया राम सिया राम जय जय राम॥
जिस घर में प्रभु राम विराजे, वो घर स्वर्ग समाना।
कन्हैया मित्तल शीश झुकाकर, गाए राम गुण गाना॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम॥
॥ दोहा ॥
श्री रघुवर कोमल कमलनयन, कौशल्या आनंदकंद।
कन्हैया मित्तल वंदना, जयति जयति जगवंद॥