राम नाम तू रटले बन्दे, जीवन है ये थोडा

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम तू रटले बन्दे,

जीवन है ये थोडा,

दौडा जाये रे समय का घोडा,

दौडा जाये रे समय का घोडा ॥

ना मेरा ना तेरा बाबू,

इस घोडे पर प्रभु का काबू,

ना मेरा ना तेरा बाबू,

इस घोडे पर प्रभु का काबू,

परम पिता ही इसे चलाता,

परम पिता ही इसे चलाता,

दिखा दिखाकर कोडा,

दौडा जाये रे समय का घोडा,

दौडा जाये रे समय का घोडा ॥

पल पल बीत रही जिन्दगानी,

कल की चिंता करले प्राणी,

पल पल बीत रही जिन्दगानी,

कल की चिंता करले प्राणी,

न जाने कब टूट पडे,

न जाने कब टूट पडे,

माथे पर काल हथोडा,

दौडा जाये रे समय का घोडा,

दौडा जाये रे समय का घोडा ॥

दसो दिसाओ के दरवाजे,

कहते रोज बजाकर बाजे,

दसो दिसाओ के दरवाजे,

कहते रोज बजाकर बाजे,

बता ए दुनिया वाले तूने,

बता ए दुनिया वाले तूने,

कितना पुण्य है जोडा,

दौडा जाये रे समय का घोडा,

दौडा जाये रे समय का घोडा ॥

चल भई करले प्रभु की भक्ति,

भक्ति मे है अद्धभुत शक्ति,

चल भई करले प्रभु की भक्ति,

भक्ति मे है अद्धभुत शक्ति,

इस भक्ति ने है करोडो,

इस भक्ति ने है करोडो,

लोगो का पथ मोडा,

दौडा जाये रे समय का घोडा,

दौडा जाये रे समय का घोडा ॥

राम नाम तू रटले बन्दे,

जीवन है ये थोडा,

दौडा जाये रे समय का घोडा,

॥ दोहा ॥

दौडा जाये रे समय का घोडा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।