राम भजन - राम नाम की लूट है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Ayodhya Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

श्री राम, जय राम, जय जय राम

श्री राम, जय राम, जय जय राम

श्री राम, जय राम, जय जय राम

श्री राम, जय राम, जय जय राम

तेरे मन में राम, तन में है राम,

है रोम रोम में राम रे,

राम सुमीर ले, ध्यान लगा ले,

छोड़ जगत के काम रे ।

राम नाम की लूट है, प्यारे लूट ले

पछताइयो ना, प्राण जाएँ जब छूट रे

राम नाम की लूट है, प्यारे लूट ले

पछताइयो ना, प्राण जाएँ जब छूट रे

माया में तू उलझा उलझा,

दर-दर धूल उडाये,

अब क्यों करता मन भारी,

जब माया साथ छुडाए ।

दौड़ धूप में ही सारा दिन बीत गया,

बीत ना जाए जीवन की अब शाम रे,

राम नाम की लूट है, प्यारे लूट ले

पछताइयो ना, प्राण जाएँ जब छूट रे

राम नाम की लूट है, प्यारे लूट ले

पछताइयो ना, प्राण जाएँ जब छूट रे

छः लुटेरे तन के भीतर डाले बैठे डेरा

काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह, मत्सरय ने कैसा घेरा

भूल गया ग़र राम राम रटना प्यारे,

करता रह जाएगा भौतिक काम रे,

बोलो राम, बोलो राम, बोलो राम राम राम ॥

श्री राम, जय राम, जय जय राम

श्री राम, जय राम, जय जय राम

राम नाम की लूट है, प्यारे लूट ले

पछताइयो ना, प्राण जाएँ जब छूट रे

राम नाम की लूट है, प्यारे लूट ले

पछताइयो ना, प्राण जाएँ जब छूट रे

तेरे मन में राम, तन में है राम,

है रोम रोम में राम रे,

राम सुमीर ले, ध्यान लगा ले,

छोड़ जगत के काम रे ।

SantoKiVani Lyrics

राम नाम की लूट है, प्यारे लूट ले

पछताइयो ना, प्राण जाएँ जब छूट रे

राम नाम की लूट है, प्यारे लूट ले

पछताइयो ना, प्राण जाएँ जब छूट रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।