राम नाम में लीन हो, मिटे सकल भव रोग।
सच्चा सुख तब पावती, जब होवे प्रभु योग॥
राम का दीवाना बन जा रे, जीवन सफल बना ले।
राम नाम के रंग में प्यारे, अपनी चुनरी रंगा ले॥
राम का दीवाना बन जा रे॥
चार दिनों का यह मेला है, जग में मुसाफ़िर तू अकेला है।
छोड़ दे लोभ और मोह माया, किस बात पे तू फूला समाया॥
प्रभु श्री राम के पावन चरणों, में तू ध्यान लगा ले।
राम का दीवाना बन जा रे॥
जिसने जपा ये नाम लगन से, वो तर गया संसार से।
पाप कटे सब जनम जनम के, प्रभु के पावन प्यार से॥
राम नाम का अमृत पीकर, अमर लोक तू पा ले।
राम का दीवाना बन जा रे॥
कन्हैया मित्तल कहे पुकार के, सुन ले ओ नादान रे।
राम शरण में शीश झुका ले, होगा तेरा कल्याण रे॥
राम का दीवाना बन जा रे, जीवन सफल बना ले॥
राम नाम सम कोउ न आना, वेद पुरान संत सब जाना।
कन्हैया मित्तल भजु नित्य, सीताराम भगवाना॥