राम जी से पूछे जनकपुर की नारी

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

राम जी से पूछे जनकपुर की नारी,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

बता दा बबुआ ॥

तोहरा से पुछु मैं ओ धनुषधारी,

एक भाई गोर काहे एक काहे कारी,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

बता दा बबुआ ॥

इ बूढ़ा बाबा के पक्कल पक्कल दाढ़ी,

देखन में पातर खाये भर थारी,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

बता दा बबुआ ॥

राजा दशरथ जी कइलन होशियारी,

एकता मरद पर तीन तीन जो नारी,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

बता दा बबुआ ॥

कहथिन सनेह लता मन में बिचारिन,

हम सब लगैछी पाहून सर्वो खुशहाली,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

बता दा बबुआ ॥

राम जी से पूछे जनकपुर की नारी,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

॥ दोहा ॥

बता दा बबुआ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।