राम जपते रहो, काम करते रहो

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

राम जपते रहो, काम करते रहो ।

वक्त जीवन का, यूँही निकल जायेगा ।

अगर लगन सच्ची, भगवन से लग जायेगी ।

तेरे जीवन का नक्शा, बदल जायेगा ।

राम जपते रहो, काम करते रहो ।

लाख चौरासी भ्रमण, किया दुख सहन ।

पाया मुश्किल से तब, एसा मानुष तन ।

राह चलते चलो कर किसी की नजर ।

पैर नाजुक है नीचे फिसल जायेगा ।

राम जपते रहो, काम करते रहो ।

कौल तूने किया, मैँ करूँगा वफ़ा ।

पर गया भूल कुछ, ना कमाया नफा ।

आके मस्ती में तू, मूलधन खा गया ।

आखिरी में तेरा, सर कुचल जायेगा ।

राम जपते रहो, काम करते रहो ।

खैर बीती जो, अब संभालो जरा ।

प्रेम गदगद हो, आँसू निकालो जरा ।

वो दया पात्र हरी का, भरो नीर से ।

भरते भरते एक दिन, छलक जायेगा ।

राम जपते रहो, काम करते रहो ।

छोड़कर छल कपट, मोह माया जतन ।

लौ प्रभू से लगाना, जगदम्बा शरण ।

मोम सा है ज़िगर, इन दयासिंधु का ।

असर पड़ते ही फौरन, पिघल जायेगा ।

राम जपते रहो, काम करते रहो ।

राम जपते रहो, काम करते रहो ।

वक्त जीवन का, यूँही निकल जायेगा ।

अगर लगन सच्ची, भगवन से लग जायेगी ।

तेरे जीवन का नक्शा, बदल जायेगा ।

राम जपते रहो, काम करते रहो ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।