राम जन्मभूमि पर जाकर, जीत के दीप जलाएंगे

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

राम जन्मभूमि पर जाकर,

जीत के दीप जलाएंगे,

कलयुग के रावण अब भय से,

अपनी खैर मनाएंगे ॥

राम अयोध्या जब लौटे,

जले थे दीपक घर घर में,

सियाराम के जयकारे भी,

गूंज उठे थे अम्बर में,

जाके अयोध्या दिवाली में,

फुलझड़िया हम जलाएंगे,

कलयुग के रावण अब भय से,

अपनी खैर मनाएंगे ॥

देश के कोने कोने से जब,

भक्तो की टोली आएगी,

उनकी भक्ति की शक्ति से,

ये दुनिया अब थर्राएगी,

जय श्री राम का झंडा अब तो,

हर घर में लहराएगा,

कलयुग के रावण अब भय से,

अपनी खैर मनाएंगे ॥

राम जन्मभूमि पर जाकर,

जीत के दीप जलाएंगे,

कलयुग के रावण अब भय से,

॥ दोहा ॥

अपनी खैर मनाएंगे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।