राम भी मिलेंगे तुझे, श्याम भी मिलेंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

राम भी मिलेंगे तुझे,

श्याम भी मिलेंगे,

जब तुझे श्री हनुमान,

जी मिलेंगे,

राम भी मिलेंगे तुझें,

श्याम भी मिलेंगे ॥

राम और श्याम को,

बजरंगी बड़े प्यारे,

योद्धा है कन्हैया के,

राम के दुलारे,

चाहे जो बजरंगी,

राम श्याम जी मिलेंगे,

चाहे जो बजरंगी,

राम श्याम जी मिलेंगे,

राम भी मिलेंगे तुझें,

श्याम भी मिलेंगे ॥

निर्बल के बल मेरे,

वीर बजरंगी,

दुःख में हमेशा बने,

दुखियों के संगी,

प्रेम से पुकारो उस,

पल ही मिलेंगे,

प्रेम से पुकारो उस,

पल ही मिलेंगे,

राम भी मिलेंगे तुझें,

श्याम भी मिलेंगे ॥

राम को पुकारो चाहे,

श्याम को निहारो,

दोनों के लिए तो,

हनुमान को पुकारो,

‘लख्खा’ तेरे सारे सकंट,

पल में टलेंगे,

‘लख्खा’ तेरे सारे सकंट,

पल में टलेंगे,

जब तुझे श्री,

हनुमान जी मिलेंगे,

राम भी मिलेंगे तुझें,

श्याम भी मिलेंगे ॥

राम भी मिलेंगे तुझे,

श्याम भी मिलेंगे,

जब तुझे श्री हनुमान,

जी मिलेंगे,

राम भी मिलेंगे तुझे,

श्याम भी मिलेंगे ॥

हनुमान चालीसा | श्री हनुमान आरती | संकटमोचन अष्टक | बालाजी आरती | श्री राम स्तुति

◉ श्री हनुमंत लाल की पूजा आराधना में हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और संकटमोचन अष्टक का पाठ बहुत ही प्रमुख माने जाते हैं।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।