रखो हाथ ढाल तलवार मजबूती, जगदम्बा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

रखो हाथ ढाल तलवार मुठ मजबूती,

मुठ मजबूती ए धरदे रे जगदम्बा,

राजपूतों में मजबूती,

ए धरदे रे जगदम्बा,

राजपूतों मे मजबूती ॥

ए ओ मै सबसे पहला मात भवानी,

थाने ध्यावु रे भवानी थाने ध्यावु ए,

जगदम्बा थाने ध्यावु ए,

कुंकुम रा प्याला जगदम्बा ने चढावु,

ए कुंकुम रा प्याला जगदम्बा ने चढावु ॥

ओ मै याद करू जद मात भवानी म्हारी,

आजा भवानी म्हारी आजा जगदम्बा म्हारी,

आजा सुता शेरो ने मात भवानी जगाजा,

सुतोडा शेरो ने मात भवानी जगाजा ॥

ए मुगलो री फौजा गढ रे मेवाड पर,

आयी मेवाड़ पर आयी मेवाड़ पर आयी,

गढ गिरवा लियो चितौड़ घटा ज्यु जाई,

गढ गिरवा लियो चितौड़ घटा ज्यु जाई,

ओ जद अकबर आयने,

गढ चितौड़ गिरवाया चितौड़ गिरवाया,

ए ज्यु जलती बलती आग सु नार बचाया,

ए ज्यु जलती बलती आग सु नार बचाया ॥

ओ जद हल्दीघाटी ओर संग्राम हुआ भारी,

संग्राम हुआ भारी संग्राम हुआ भारी,

ए बिजली ज्यु चमके तेज तलवार उस राणा की,

ए बिजली ज्यु चमके तेज तलवार राणा की,

उस महाराणा रो भलकतो भालो रे भलकतो भालो,

हल्दीघाटी मे घूम रयो मतवालो,

हल्दीघाटी मे घूम रयो मतवालो ॥

ओ कोई अमरसिंह रा राठौड़ नागौर का जाया,

नागौर का जाया रे नागौर का जाया,

ओ जद आगरा जीतने फौज फतेहगढ़ आया,

ओ जद आगरा जीतने फौज फतेहगढ़ आया ॥

दोहा:

चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण

ता ऊपर सुल्तान है, तो मत चूके चौहान

ओ कोई पृथ्वी राज ए चौहान खांडा खडकाया,

खांडा खडकाया ए खांडा खडकाया,

आँखीया सु अंधा फिर भी बाण चलाया,

आँखीया सु अंधा फिर भी बाण चलाया ॥

ओ कोई सब भगता री लाज रखी मम माई,

ओ हिन्गलाज माई ए तनोट माई,

ए भादरिया री माई ए करणल माई,

ए नागणेची माई ए जगदम्बा म्हारी माई,

कोई दान कैलाश माँ शरण मे आयी,

अरे कोई दान कैलाश माँ की शरण मे आयी ॥

रखो हाथ ढाल तलवार मुठ मजबूती,

मुठ मजबूती ए धरदे रे जगदम्बा,

राजपूतों में मजबूती,

ए धरदे रे जगदम्बा,

॥ दोहा ॥

राजपूतों मे मजबूती ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।