रख लाज मेरी गणपति

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Shri Ganesh Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

रख लाज मेरी गणपति,

अपनी शरण में लीजिए ।

कर आज मंगल गणपति,

अपनी कृपा अब कीजिए ॥

रख लाज मेरी गणपति

रख लाज मेरी गणपति

सिद्धि विनायक दुःख हरण,

संताप हारी सुख करण ।

करूँ प्रार्थना मैं नित्त प्रति,

वरदान मंगल दीजिए ॥

रख लाज मेरी गणपति,

अपनी शरण में लीजिए।

कर आज मंगल गणपति,

अपनी कृपा अब कीजिए ॥

रख लाज मेरी गणपति

तेरी दया, तेरी कृपा,

हे नाथ हम मांगे सदा ।

तेरे ध्यान में खोवे मति,

प्रणाम मम अब लीजिए ॥

रख लाज मेरी गणपति,

अपनी शरण में लीजिए ।

कर आज मंगल गणपति,

अपनी कृपा अब कीजिए ॥

रख लाज मेरी गणपति

करते प्रथम तव वंदना,

तेरा नाम है दुःख भंजना ।

करना प्रभु मेरी शुभ गति,

अब तो शरण मे लीजिए ॥

रख लाज मेरी गणपति,

अपनी शरण में लीजिए।

कर आज मंगल गणपति,

अपनी कृपा अब कीजिए ॥

रख लाज मेरी गणपति

रख लाज मेरी गणपति

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।