राजीव लोचन राम, आज अपने घर आए

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

राजीव लोचन राम,

आज अपने घर आए,

कण कण पुलकित,

पुरजन हर्षित,

नगर गाँव सब बजत बधाई,

राजीव लोंचन राम,

आज अपने घर आए ॥

गावही किन्नर नाग बदूटी,

बार बार कुसुमांजलि छूटी,

हे जग पावन,

मुनि मन भावन,

अरु शोभा गुण बरनी ना जाए,

राजीव लोंचन राम,

आज अपने घर आए ॥

सुन्दर शोभा श्री रघुवर की,

झांकी बनी है कनक भवन की,

सूचिसर सुन्दर,

नित्य मगन जन,

मचल मचल सब विधि गुण गाए,

राजीव लोंचन राम,

आज अपने घर आए ॥

हर्षित जह तह दाई दासी,

आनंद मगन सकल पुर वासी,

लिए आरती मंगल आरती,

कनक बसन उपथाल सुहाए,

राजीव लोंचन राम,

आज अपने घर आए ॥

राजीव लोचन राम,

आज अपने घर आए,

कण कण पुलकित,

पुरजन हर्षित,

नगर गाँव सब बजत बधाई,

राजीव लोंचन राम,

॥ दोहा ॥

आज अपने घर आए ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।