राधिके ले चल परली पार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Radhashtami Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गलियां चारों बंद हुई,

मिलूं कैसे हरी से जाये ।

ऊंची नीची राह रपटीली,

पाओ नहीं ठहराए ।

सोच सोच पग धरु जतन से,

बार बार डिग जाये ।

अब राधे के सिवा कोई न,

परली पार लागए ।

परली पार लागए,

परली पार लागए,

परली पार लागए ।

राधिके ले चल परली* पार,

राधिके ले चल परली पार

जहाँ विराजे नटवर नागर,

जहाँ विराजे नटवर नागर

नटखट नन्द कुमार...

किशोरी ले चल परली पार,

राधिके ले चल परली पार

किशोरी ले चल परली पार,

श्यामा चल परली पार

गुण अवगुण सब उनको अर्पण,

पाप पुन्य सब उनको समर्पण

मैं उनके चरनन की दासी,

मैं उनके चरनन की दासी

वो है प्राण आधार...

किशोरी ले चल परली पार,

राधिके ले चल परली पार

किशोरी ले चल परली पार,

श्यामा चल परली पार

उनसे आस लगा बैठी हूँ,

लज्जा शील गवा बैठी हूँ

सवरिया मैं तेरी रागनी,

सवरिया मैं तेरी रागनी

तू मेरा मल्हार...

किशोरी ले चल परली पार,

राधिके ले चल परली पार

किशोरी ले चल परली पार,

श्यामा चल परली पार

तेरे सिवा कुछ चाह नहीं है,

कोई सूझती राह नहीं है

मेरे प्रीतम मेरे मांझी,

मेरे प्रीतम मेरे मांझी

सुनए करुण पुकार...

किशोरी ले चल परली पार,

राधिके ले चल परली पार

किशोरी ले चल परली पार,

श्यामा चल परली पार

आनदं धन यहाँ बरस रहा है,

पत्ता पत्ता हरस रहा है

बहुत हुई अब हार गई मैं,

बहुत हुई अब हार गई मैं

पड़ी पड़ी मझधार...

किशोरी ले चल परली पार,

राधिके ले चल परली पार

किशोरी ले चल परली पार,

श्यामा चल परली पार

राधिके ले चल परली पार,

राधिके ले चल परली पार

जहाँ विराजे नटवर नागर,

जहाँ विराजे नटवर नागर

नटखट नन्द कुमार...

किशोरी ले चल परली पार,

राधिके ले चल परली पार

किशोरी ले चल परली पार,

श्यामा चल परली पार

* परली: दूसरी छोर (other side of river)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।