राधे राधे गा ले तेरी बात बन जाएगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Radha Rani Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

धुन- छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना

राधे राधे, गा ले, तेरी बात, बन जाएगी ।

ओ राधे राधे, जप ले, तेरी बात, बन राधे राधे गा ले तेरी बात बन जाएगी

राधे राधे गा ले तेरी बात बन जाएगी

राधे राधे गा ले तेरी बात बन जाएगी

धुन- छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना

राधे राधे, गा ले, तेरी बात, बन जाएगी ।

ओ राधे राधे, जप ले, तेरी बात, बन जाएगी ।

राधा रानी, तुझ पे, कृपा बरसाएगी ।

ओ राधे राधे... ॥।गा ले, तेरी बात जाएगी ।

श्याम, श्याम, राधे श्याम,

श्याम, श्याम, राधे श्याम ॥

राधा राधा, नाम दिल, ख़ोल के तूँ बोलना ।

बैठ, चरणों में फिर, दिल को टटोलना ॥

दिल में, बसी है तेरे, तुझे मिल जाएगी ।

ओ राधे राधे... ॥।गा ले, तेरी बात...

राधा राधा, नाम हर, श्याम प्रेमी बोलता ।

अपनी, रगों में तूँ ये, रस क्यों नहीं घोलता ॥

राधे राधे, बोल तुझे, श्याम से मिलाएगी ।

ओ राधे राधे... ॥।गा ले, तेरी बात...

राधे राधे, गाएगा तो, श्याम चले आएँगे ।

बिना मांगे, श्याम तेरी, झोली भर जाएँगे ॥

श्याम जी के, संग राधे, दौड़ी दौड़ी आएगी ।

ओ राधे राधे... ॥।गा ले, तेरी बात...

मिश्री से, मीठा नाम, मेरी राधा रानी का ।

तूँ भी नाम, गा ले प्यारे, श्याम की दीवानी का ॥

राधे रानी, खुश हो के, गले से लगाएगी ।

ओ राधे राधे... ॥।गा ले, तेरी बात...

राधे कृष्णा, राधे कृष्णा...सम्पूर्ण धुन ॥

जाएगी ।

राधा रानी, तुझ पे, कृपा बरसाएगी ।ओ राधे राधे... ॥।गा ले, तेरी बात जाएगी ।

श्याम, श्याम, राधे श्याम,

श्याम, श्याम, राधे श्याम ॥

राधा राधा, नाम दिल, ख़ोल के तूँ बोलना ।

बैठ, चरणों में फिर, दिल को टटोलना ॥

दिल में, बसी है तेरे, तुझे मिल जाएगी ।

ओ राधे राधे... ॥।गा ले, तेरी बात...

राधा राधा, नाम हर, श्याम प्रेमी बोलता ।

अपनी, रगों में तूँ ये, रस क्यों नहीं घोलता ॥

राधे राधे, बोल तुझे, श्याम से मिलाएगी ।

ओ राधे राधे... ॥।गा ले, तेरी बात...

राधे राधे, गाएगा तो, श्याम चले आएँगे ।

बिना मांगे, श्याम तेरी, झोली भर जाएँगे ॥

श्याम जी के, संग राधे, दौड़ी दौड़ी आएगी ।

ओ राधे राधे... ॥।गा ले, तेरी बात...

मिश्री से, मीठा नाम, मेरी राधा रानी का ।

तूँ भी नाम, गा ले प्यारे, श्याम की दीवानी का ॥

राधे रानी, खुश हो के, गले से लगाएगी ।

ओ राधे राधे... ॥।गा ले, तेरी बात...

॥ दोहा ॥

राधे कृष्णा, राधे कृष्णा...सम्पूर्ण धुन ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।