राधे पूछ रही तुलसा से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Radha Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

राधे पूछ रही तुलसा से,

तुलसा कहाँ तेरा ससुराल ।

राधे पूछ रही तुलसा से,

तुलसा कहाँ तेरा ससुराल ।

कहाँ तेरा ससुराल तुलसा,

कौन तेरे भरतार ।

राधे पूछ रही तुलसा से,

तुलसा कहाँ तेरा ससुराल ।

नीलगगन हैं पिता हमारे,

भागीरथी हैं मात ।

वृंदावन ससुराल हमारी,

सांवरिया भरतार ।

राधे पूछ रही तुलसा से,

तुलसा कहाँ तेरा ससुराल ।

बलदाऊ हैं जेठ हमारे,

मात यशोदा सास ।

नंद बाबा हैं ससुर हमारे,

ननद सुभद्रा मात ।

राधे पूछ रही तुलसा से,

तुलसा कहाँ तेरा ससुराल ।

तुम तो राधे बगल विराजे,

सुबह सींचे सब नार ।

मेरे बिना हरि भावे ना भोग,

मेरी पड़े दरकार ।

राधे पूछ रही तुलसा से,

तुलसा कहाँ तेरा ससुराल ।

हर की में पटरानी कुहाऊँ,

हरी मेरे धन भाग ।

यही है बहना परिचय मेरा,

हरी है मेरे सुहाग ।

राधे पूछ रही तुलसा से,

तुलसा कहाँ तेरा ससुराल ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।