राधे ब्रज जन मन सुखकारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

राधे ब्रज जन मन सुखकारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम

मोर मुकुट मकराकृत कुण्डल,

गल वैजयंती माला,

चरणन नुपर रसाल,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥

सुन्दर वदन कमल-दल लोचन,

बांकी चितवन हारी,

मोहन वंशी विहारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥

वृन्दावन में धेनु चरावे,

गोपीजन मन हारी,

श्री गोवेर्धन धारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥

राधा कृष्ण मिली अब दोऊ,

गौर रूप अवतारी,

कीर्तन धर्म प्रचारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥

तुम बिन मेरा और ना कोई,

नाम रूप अवतारी,

चरणन में बलिहारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम,

नारायण बलिहारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥

Vocal - Devi Neha Saraswat

Lyrics - Narayana Maharaja

Music - Lovely Sharma

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।