राधानाथ स्वामी

पारंपरिक
श्री कृष्ण संत साहित्य Bhakt Srila Prabhupada Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल: राधानाथ स्वामी

वास्तविक नाम - रिचर्ड स्लाविन

अन्य नाम - राधानाथ स्वामी महाराज, परम पूज्य राधानाथ स्वामी

गुरु - श्रील प्रभुपाद

शिष्य - श्री गौर गोपाल दास

आराध्य - श्रीकृष्ण

जन्म - 7 दिसंबर 1950 (आयु 73 वर्ष)

जन्म स्थान - शिकागो, इलिनोइस, संयुक्त राज्य अमेरिका

वैवाहिक स्थिति - अविवाहित

भाषा - अंग्रेजी

प्रसिद्ध - इस्कॉन गुरु

राधानाथ स्वामी एक अमेरिकी हिंदू गौड़ीय वैष्णव गुरु, समुदाय-निर्माता, कार्यकर्ता और लेखक हैं। वह 50 से अधिक वर्षों से भक्ति योग अभ्यासकर्ता और आध्यात्मिक शिक्षक रहे हैं। 19 साल की उम्र में उन्होंने साहसिक और आध्यात्मिक ज्ञान की तलाश में अमेरिका में अपना घर छोड़ दिया। उन्होंने यूरोप और मध्य-पूर्व की यात्रा शुरू की और अंततः एक वर्ष से अधिक समय तक हिमालय में बस गए। 1982 की शुरुआत में, इस्कॉन नेतृत्व ने राधानाथ दास को संन्यास लेने की पेशकश की।

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) में, वह गवर्निंग बॉडी कमीशन के सदस्य के रूप में कार्य करते हैं। वह पूरे भारत में 1.2 मिलियन स्कूली बच्चों के लिए इस्कॉन के मुफ्त मध्याह्न भोजन के पीछे प्रेरणा हैं और मुंबई में उन्होंने भक्तिवेदांत अस्पताल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परम पूज्य राधानाथ स्वामी न्यूयॉर्क टाइम्स के बेस्ट सेलिंग लेखक हैं। उनकी किताबें, द जर्नी होम और द जर्नी विदिन दुनिया भर में कई लोगों द्वारा पढ़ी गई हैं।

राधानाथ स्वामी का जीवन करुणा से निर्देशित एक यात्रा रही है। चाहे वह ब्रिटिश संसद, गूगल मुख्यालय, एप्पल मुख्यालय में हाउस ऑफ कॉमन्स में व्याख्यान देना हो या स्वास्थ्य देखभाल, भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करके बीमार/बुजुर्ग/वंचित बच्चों/आदिवासी महिलाओं आदि की मदद करना हो; ईश्वर की करुणा का साधन बनना राधानाथ स्वामी के जीवन की मार्गदर्शक शक्ति रही है।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

राधानाथ स्वामी | Radhanath Swami

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।