प्यारो बालाजी, रे जग से न्यारो बालाजी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

प्यारो बालाजी,

रे जग से न्यारो बालाजी,

रे म्हारो कर दे बेड़ो पार,

घाटे वारो बालाजी,

प्यारों बालाजी,

रे जग से न्यारो बालाजी ॥

दुखिया का दुःख हरने बाबा,

मेहंदीपुर में आयो,

प्रेतराज और कोतवाल है,

संग में डेरा लायो,

साँचा बाबा करुणाधार,

घाटे वारो बालाजी,

प्यारों बालाजी,

रे जग से न्यारो बालाजी ॥

जो भी जाए उनके द्वारे,

भर भर झोली लाए,

दूर दूर से आ नर नारी,

उनके दर्शन पाए,

वो भरता सबके है भंडार,

घाटे वारो बालाजी,

प्यारों बालाजी,

रे जग से न्यारो बालाजी ॥

बिगड़े सबके काज बनाए,

बाबा केसरी नंदन,

कोई बला ना सामने ठहरे,

वो तो शिव शंकर अवतार,

घाटे वारो बालाजी,

प्यारों बालाजी,

रे जग से न्यारो बालाजी ॥

बजरंगी बजरंगी बाला,

माँ अंजनी का लाल,

भक्तो का हितकारी बाबा,

दुष्टों का है काल,

वो करता भव से बेड़ा पार,

घाटे वारो बालाजी,

प्यारों बालाजी,

रे जग से न्यारो बालाजी ॥

देखो भक्तो बजरंगी की,

अजब निराली शान,

सच्चे मन से महिमा गाए,

‘रुखमसिंह धीरान’,

वो सुनता सबकी है पुकार,

बाबा संकट टारा जी,

घाटे वारो बालाजी,

प्यारों बालाजी,

रे जग से न्यारो बालाजी ॥

प्यारो बालाजी,

रे जग से न्यारो बालाजी,

रे म्हारो कर दे बेड़ो पार,

घाटे वारो बालाजी,

प्यारों बालाजी,

॥ दोहा ॥

रे जग से न्यारो बालाजी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।