बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दरबार तेरा दरबारों में,

एक ख़ास एहमियत रखता है।

उसको वैसा मिल जाता है,

जो जैसी नियत रखता है॥

बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी।

भक्तों की लगी है कतार भवानी॥

ऊँचे पर्बत भवन निराला।

आ के शीश निवावे संसार, भवानी॥

प्यारा सजा है द्वार भवानी॥

जगमग जगमग ज्योत जगे है।

तेरे चरणों में गंगा की धार, भवानी॥

तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी॥

लाल चुनरिया लाल लाल चूड़ा।

गले लाल फूलों के सोहे हार, भवानी॥

प्यारा सजा है द्वार, भवानी॥

सावन महीना मैया झूला झूले।

देखो रूप कंजको का धार भवानी॥

प्यारा सजा है द्वार भवानी॥

पल में भरती झोली खाली।

तेरे खुले दया के भण्डार, भवानी॥

तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी॥

लक्खा को है तेरा सहारा माँ।

करदे अपने सरल का बेडा पार, भवानी॥

प्यारा सजा है द्वार भवानी॥

संतो की वाणी लिरिक्स

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।