प्रेम सदा भरपूर रहे शनि देव के चरणों में: शनि देव भजन

पारंपरिक
अन्य भजन Bhajan Shri Shani Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

प्रेम सदा भरपूर रहे शनि देव के चरणों में,

करे अर्जी मेरी मंजूर मेरे शनि देव के चरणों में,

प्रेम सदा भरपूर रहे शनि देव के चरणों में ॥

हर पल मुझको तेरा ध्यान रहे तन अर्पित निज सब कर्मो में,

मन ध्यान तुम्ही में मगन रहे बस सेवा तुम्हारे चरणों में,

यही जीवन का है मोल समज लेना तेरे चरणों में,

प्रेम सदा भरपूर रहे शनि देव के चरणों में ॥

SantoKiVani Lyrics

दूर दूर से दुखियां आते है और शीश याहा पे झुकाते है,

कोई मांग रहा खुशियों के पल सब याहा आप के चरणों में,

कष्टों को करना दूर बड़ा मजबूर तेरे चरनो में,

॥ दोहा ॥

प्रेम सदा भरपूर रहे शनि देव के चरणों में ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।